
हरिद्वार/रुड़की। सावन माह में शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट की ओर से इमली खेड़ा और मेवड़ कला में लगाए गए कांवड़ सेवा शिविर एवं मेडिकल कैंपों का रविवार को विधिवत समापन किया गया। दोनों स्थानों पर आयोजित शिविरों में संगठन के पदाधिकारियों, चिकित्सकों और कार्यकर्ताओं ने दिन-रात शिवभक्तों की सेवा की।

इमली खेड़ा कैंप का समापन
ग्राम इमली खेड़ा में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर एवं मेडिकल कैंप का समापन जिला हरिद्वार संरक्षक डॉ. सुरेश सैनी की अध्यक्षता में हुआ। शिविर में चिकित्सकों और सहयोगियों ने लगातार अपनी सेवाएं देते हुए कांवड़ियों को उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई।
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इस अवसर पर डॉ. अरविंद सैनी, डॉ. यशवीर रोड, सागर सैनी, डॉ. सुनील सैनी, डॉ. पवन सैनी, डॉ. सौरभ सैनी, डॉ. संजय कश्यप तथा वंश कुमार फार्मासिस्ट सहित संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला उपाध्यक्ष सहित अन्य सहयोगियों ने भी शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
मेवड़ कला में भी सेवा शिविर का समापन
वहीं मेवड़ कला में जिला रुड़की संरक्षक डॉ. सतपाल सैनी के नेतृत्व में सेवा शिविर का समापन किया गया। शिविर के दौरान संगठन की टीम ने कांवड़ियों को भोजन, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर मनजीत सैनी, संजय सैनी, शिवम सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पदाधिकारियों ने की सेवा कार्य की सराहना
समापन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, प्रदेश उत्तराखंड सलाहकार प्रदीप सैनी, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष चेतन चौधरी, जिला मंत्री काली चरण, जिला उपाध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष मास्टर दिनेश लाल, कार्यालय प्रमुख प्रीति चौधरी, कार्यालय प्रमुख नीरज चौहान तथा प्रदेश उत्तराखंड मीडिया प्रभारी नीटू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लगातार दिन-रात चले इन सेवा शिविरों में हजारों शिवभक्तों को मेडिकल सुविधा, भोजन, मार्गदर्शन और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करना पुण्य और मानव सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है।
समापन के अवसर पर सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिविरों के समापन पर सेवा भाव को शब्द देते हुए कहा गया—
“दिया जलाकर चले गए, पर उजाला छोड़ गए।
सेवा करके गए, पर यादें छोड़ गए।”
इस दौरान सेवा शिविर से जुड़े सभी चिकित्सकों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के योगदान की सराहना की गई।




