
भारत में राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला प्रशिक्षण संस्थान की संस्थापक शैली सेठी ने कुछ अनुठे रुप में राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया | ज़िसमे शैली सेठी ने झुग्गियो में बेटियों को सुंदर नृत्य सीखा सुंदर प्रस्तुती दी ,इस नृत्य में सभी बालिकाओं ने अपना सम्पूर्ण योगदान दिया ओर बेहद उत्तसाहित रही | इस नृत्य में सबसे पहले स्थान पर खड़ी बेटी ने भगवान श्री कृष्ण की भूमिका निभाई ओर शैली सेठी ने नाग की भूमिका निभाई |शैली सेठी ने यह वृत्तांत बताते हुये क्हा की बाल लीला करते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को घमंड चूर किया था |गोकुल के पास बहने वाली युमना नदी में कालिया नाग रहा करता था | कालिया नाग इतना जहरीला था कि उसके जहर से युमना नदी का पानी काला पड़ गया था | नदी के जल को पीने से पशु-पक्षी तुरंत ही मर जाया करते थे |गांव के लोग अपने जानवरों और बच्चों को नदी की तरफ नहीं जाने देते थे | तब भगवान श्रीकृष्ण , कालिया नाग को सबक सीखाने के लिए यमुना नदी में कूद पड़े |कालिया नाग ने श्रीकृष्ण पर भयंकर विष से हमला किया लेकिन भगवान पर इसका कोई असर नहीं हुआ |भगवान कालिया नाग के फन पर खड़े हो गए |अंत में उसने हाथ जोड़कर भगवान से माफी मांगी और और युमना नदी को छोड़ने का वचन दिया |भगवान, कालिया नाग के फन पर नाचते और बांसुरी बजाते हुए नदी से बाहर निकले तो यशोदा माता और पूरा गोकुल नाचने गाने लगा, इस तरह भगवान ने कालिया नाग पर विजय प्राप्त की | शैली सेठी ने क्हा की जिस प्रकार भगवान हर युग में बुराई को हराने के लिए जन्म लेते है ,अब बेटियों पर बढते अपराधो को हराने के लिए बेटियों को भी भगवान श्री कृष्ण की भांती उन अपराधो का ड़ट कर सामना करना होगा ज़िससे यह पाप यहीं समाप्त हो जाये | शैली सेठी ने बताया की हर साल राष्ट्रीय महिला दिवस 13 फरवरी के दिन मनाया जाता है। यह 8 मार्च को मनाए जाने वाले महिला दिवस से अलग है क्योंकि उस दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस होता है और 13 फरवरी को भारत का महिला दिवस होता है।




