
हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र से जुड़े ₹70 हजार के चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय, हरिद्वार की अदालत ने आवेश सैनी, पंकज वर्मा और कुलदीप कुमार को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए तीन-तीन महीने के साधारण कारावास और ₹20-20 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायालय के समक्ष मामला परिवादी वैभव अग्रवाल की ओर से वर्ष 2023 में प्रस्तुत किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों की ओर से जारी ₹70 हजार का चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर “Exceeds Arrangement” टिप्पणी के साथ अनादरित हो गया था। इसके बाद परिवादी की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला न्यायालय पहुंचा।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहियों और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने माना कि परिवादी चेक जारी होने और उसके अनादरण से संबंधित आवश्यक तथ्यों को सिद्ध करने में सफल रहा, जबकि आरोपी अपने बचाव को प्रभावी ढंग से प्रमाणित नहीं कर सके।
अदालत ने दोषसिद्धि के साथ प्रत्येक आरोपी पर ₹20 हजार का जुर्माना लगाया है। इसमें से ₹18 हजार परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि ₹2 हजार राजकोष में जमा होंगे। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता धर्मेंद्र आर्या ने मामले की पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले के बाद चेक बाउंस मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है।






