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नया हरिद्वार के हरिहर बांके बिहारी मंदिर के चंदे लगभग 16 लाख रुपए अपने निजी खातों में जमा किया और लाखों रुपए का व्यय बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए लाखों रुपए का गबन किया,कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की मांग..

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हरिद्वार। नया हरिद्वार निवासी सुधाकर सिंह (एडवोकेट) ने हरिद्वार के तृतीय सीनियर सिविल जज (एसडी)/एसीजेएम न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल कर हरिहर बांके बिहारी मंदिर से प्राप्त चंदे के कथित गबन की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

 

याचिका में आरोप लगाया गया है कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2019 में समाप्त होने के बाद उसका न तो नवीनीकरण हुआ और न ही कोई चुनाव कराया गया। इसके बावजूद कुछ लोगों ने स्वयं को सोसायटी का पदाधिकारी घोषित कर मंदिर का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया।

 

प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि श्यामबाबू शर्मा, सुभाष जांगड़, केदारनाथ वर्मा और राजीव त्यागी ने बिना वैधानिक अधिकार के मंदिर से प्राप्त दान और मासिक सहयोग राशि का संग्रह किया। शिकायत के अनुसार, मंदिर के नाम पर एकत्र धनराशि को महाराष्ट्र बैंक, हरिद्वार में खोले गए एक बैंक खाते में जमा किया गया और लगभग 16 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया गया है।

 

याचिका में यह भी कहा गया है कि पूर्व में सोसायटी का बैंक खाता आंध्रा बैंक में संचालित था, जो वर्ष 2019 के बाद निष्क्रिय हो गया। इसके बाद कथित रूप से नया बैंक खाता खोलकर मंदिर के चंदे की राशि जमा की गई।

 

प्रार्थी का कहना है कि उसने 2 मई 2026 को कोतवाली ज्वालापुर तथा 12 मई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को लिखित शिकायत भेजी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण न्यायालय की शरण लेते हुए एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने की मांग की गई है।

 

मामले में न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि कोतवाली ज्वालापुर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए जाएं।

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नया हरिद्वार के हरिहर बांके बिहारी मंदिर के चंदे लगभग 16 लाख रुपए अपने निजी खातों में जमा किया और लाखों रुपए का व्यय बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए लाखों रुपए का गबन किया,कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की मांग..

नया हरिद्वार के हरिहर बांके बिहारी मंदिर के चंदे लगभग 16 लाख रुपए अपने निजी खातों में जमा किया और लाखों रुपए का व्यय बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए लाखों रुपए का गबन किया,कोर्ट में एफआईआर दर्ज कराने की मांग..