
हरिद्वार।चेक में कथित कूटरचना और फर्जी हस्ताक्षर कर ₹4 लाख की रकम बैंक में प्रस्तुत किए जाने के मामले में हरिद्वार न्यायालय ने बड़ा आदेश जारी किया है। तृतीय अपर सिविल जज (एसडी)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला हरिद्वार की अदालत ने करन गुप्ता की ओर से धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए कोतवाली ज्वालापुर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विधि अनुसार जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में करन गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनकी माता की दुकान पर काम करने वाले महेश कुमार उर्फ अंकुर ने कथित तौर पर उनके नाम का एक कोरा चेक चोरी कर लिया। आरोप के अनुसार, बाद में उक्त चेक पर ₹4,00,000 की रकम भरकर और कथित रूप से प्रार्थी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर,बैंक में प्रस्तुत किया गया।
प्रार्थी का कहना है कि उन्हें बैंक से चेक अनादर की सूचना मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया, तब चेक की प्रति देखने पर उन्हें कथित हस्ताक्षर फर्जी होने की जानकारी हुई। प्रार्थी ने दावा किया कि चेक पर मौजूद हस्ताक्षर उनके बैंक एवं अन्य दस्तावेजों में मौजूद हस्ताक्षरों से अलग हैं।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि पूर्व में प्रार्थी की माता की कार चोरी होने के मामले में पुलिस जांच के दौरान महेश उर्फ अंकुर को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रार्थी के अनुसार, इस मामले में समझौते को लेकर उसके परिवार पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया था। समझौता न होने के बाद रंजिश के चलते चेक का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया।
प्रार्थी ने बताया कि मामले की शिकायत 5 दिसंबर 2025 को थाना ज्वालापुर तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को डाक के माध्यम से भेजी गई**, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
अदालत ने दिए FIR और विवेचना के आदेश
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए ,थाना कोतवाली ज्वालापुर के भारसाधक अधिकारी को प्रार्थना पत्र को लिखित तहरीर मानकर अभियोग पंजीकृत करने और मामले की विवेचना करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पुलिस को विवेचना पूरी कर विधि अनुरूप रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब इस मामले में ज्वालापुर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना की जाएगी।






