Download Our App

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बना रही पहल : शैली..

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नई दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें उद्यमिता, इनोवेशन और लीडरशिप से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला प्रशिक्षण संस्थान की संस्थापिका शैली द्वारा नई दिल्ली के सरकारी स्कूल में *‘नींव डायलॉग’ लाइव इंटरेक्शन कार्यक्रम** आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान शैली ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और भविष्य में जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए यह पहल चलाई जा रही है। इसके तहत विद्यार्थी अपने स्टार्टअप आइडिया तैयार कर उन्हें प्रस्तुत करते हैं। चयनित विद्यार्थियों को अपने आइडिया पर काम करने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

 

शैली ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत ‘स्टार्टअप स्टॉर्मर्स’ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें विद्यार्थी नए और उपयोगी स्टार्टअप आइडिया तैयार करते हैं। चयनित विजेता टीमों को अपने प्रोटोटाइप और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

उन्होंने कहा कि शहीद हेमू कलानी सर्वोदय बाल विद्यालय में भी विद्यार्थियों को उद्यमी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। नींव कार्यक्रम के तहत कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के पांच सदस्यीय समूह बनाए जाते हैं। अच्छे उद्यम विचार के चयन के बाद प्रत्येक समूह को 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जिससे विद्यार्थी उत्पाद तैयार करने अथवा बेचने के माध्यम से आय अर्जित करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।

शैली ने कहा कि यह पहल सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से बिजनेस करना, टीमवर्क, नेतृत्व, नवाचार और आर्थिक प्रबंधन भी सिखाती है। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का पूरा सहयोग रहा।शैली ने प्रधानाचार्य एवं अध्यापिकाओं के साथ हुए संवाद को बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायक अनुभव बताया।

Leave a Comment