
हरिद्वार, 12 सितंबर 2026। जनपद हरिद्वार में शनिवार को इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का संचालन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार श्री नरेन्द्र दत्त के कुशल मार्गदर्शन में हुआ।

लोक अदालत के लिए जनपद हरिद्वार में कुल 24 बैंचों का गठन किया गया। जिला न्यायालय परिसर रोशनाबाद में 13 बैंच, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हरिद्वार में 1 बैंच, बाह्य न्यायालय रुड़की में 7 बैंच तथा लक्सर में 3 बैंच गठित किए गए।
4,125 मामलों का हुआ निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यायालयों में लंबित 3,918 वाद तथा 207 प्री-लिटिगेशन मामलों, यानी कुल 4,125 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
इन मामलों में 18 करोड़ 57 लाख 35 हजार 981 रुपये की समझौता राशि का सेटलमेंट हुआ। लोक अदालत की इस उपलब्धि से न्यायालयों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
इन मामलों को दी गई प्राथमिकता
लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद, सिविल वाद, श्रम विवाद, विद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी तथा फौजदारी शमनीय प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता दी गई।
सुलह से समाधान और रिश्तों में मिठास
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर ने कहा कि लोक अदालत त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम है। इससे वर्षों से चले आ रहे विवादों का समाधान आपसी सहमति से होता है, पक्षकारों के बीच कटुता कम होती है तथा आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा मिलता है।
लोक अदालत के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्वान अधिवक्ताओं एवं वादकारियों का आभार व्यक्त किया गया।
एक नजर में बड़ी खबर
24 बैंच | 4,125 मामलों का निस्तारण | ₹18.57 करोड़ से अधिक का सेटलमेंट | सुलह के जरिए त्वरित न्याय






