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हरिद्वार में ₹8.39 लाख के चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को एक साल का कठोर कारावास..

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हरिद्वार। ₹8.39 लाख के चेक बाउंस मामले में हरिद्वार न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मनमोहन सिंह रावत पुत्र कुंवर सिंह रावत, निवासी शिवालिक नगर को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ ही ₹9.10 लाख का जुर्माना भी लगाया है।

मामला रामधाम कॉलोनी, शिवालिक नगर क्षेत्र में सरिया, सीमेंट एवं हार्डवेयर का कारोबार करने वाले परिवादी अतुल कुमार शर्मा से जुड़ा है। न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद के अनुसार, आरोपी ने सिडकुल क्षेत्र में भवन निर्माण के कार्य के लिए अलग-अलग तिथियों पर परिवादी से कुल ₹8,39,545 का सरिया एवं सीमेंट खरीदा था। सामान लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया।

भुगतान के लिए दबाव बनाए जाने पर आरोपी ने ₹8,39,545 का चेक जारी किया। परिवादी ने जब चेक बैंक में जमा किया तो 23 दिसंबर 2020 को अपर्याप्त निधि (Insufficient Funds) के कारण चेक अनादरित हो गया।

इसके बाद परिवादी की ओर से 15 जनवरी 2021 को कानूनी नोटिस भेजकर निर्धारित धनराशि का भुगतान करने के लिए कहा गया, लेकिन नोटिस प्राप्त होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा।

परिवादी की ओर से अधिवक्ता राकेश सिंह ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और प्रभावी दलीलें प्रस्तुत कीं। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने 1 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी मनमोहन सिंह रावत को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत दोषसिद्ध किया।

₹9 लाख परिवादी को मिलेंगे

अदालत ने आरोपी पर लगाए गए ₹9.10 लाख के जुर्माने में से ₹9 लाख परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है, जबकि ₹10 हजार राजकोष में अर्थदंड के रूप में जमा होंगे।

अदालत के आदेश के अनुसार, निर्धारित जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आरोपी को उसके अपील के अधिकार से भी अवगत कराया है।

चेक बाउंस के इस मामले में आया फैसला भुगतान संबंधी दायित्वों को लेकर न्यायालय की सख्ती को दर्शाता है।

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