
गाजियाबाद। बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला मलेरिया अधिकारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग, गाजियाबाद विनोद कुमार चौरसिया के नेतृत्व में विष्णु एन्क्लेव में निरीक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान में भाजपा नेत्री शैली ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में घर-घर जाकर पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच की। विशेष रूप से कूलर, गमले, पानी की टंकियों, बर्तनों और अन्य स्थानों पर डेंगू मच्छर के लार्वा की मौजूदगी की जांच की गई। लोगों को आसपास पानी जमा न होने देने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
भाजपा नेत्री शैली ने बताया कि पिछले वर्ष विष्णु एन्क्लेव में डेंगू के 100 से अधिक मामले सामने आए थे। इसी अनुभव को देखते हुए इस वर्ष वह पहले से ही क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम को लेकर सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी फैलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते लोगों को जागरूक करना और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म करना ज्यादा जरूरी है।
शैली ने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास बारिश का पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों की तश्तरियों और पक्षियों के पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें। पुराने टायर, टूटे बर्तन, डिब्बे और कबाड़ में पानी जमा न होने दें तथा पानी की टंकियों और ड्रम को ढककर रखें।
उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले सुरक्षित रिपेलेंट का इस्तेमाल करें तथा घरों की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं। साथ ही घर और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर/जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।
शैली ने कहा कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि लोग अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देंगे तो मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक रोका जा सकता है।





