
रिपोर्टर चंद्रकांता
अम्बाला में भारतीय अंबेडकर मिशन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष दर्शन सिंह कांगड़ा ने समाज के लोगों से बच्चों को शिक्षित बनाने का आह्वान किया। उन्होंने भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता और देश के पहले कानून मंत्री के बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
दर्शन सिंह कांगड़ा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने “झाड़ू छोड़ो, पकड़ो कलम—शिक्षा से बनेगी नई पहचान” का नारा देते हुए दलित भाईचारे से अपील की कि वे सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए शिक्षा को अपना मुख्य हथियार बनाएं।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब नहीं चाहते थे कि मजदूरी या सफाई का कार्य करने वाले परिवारों के बच्चे भी उसी पेशे तक सीमित रहें, बल्कि वे चाहते थे कि दलित समाज के बच्चे पढ़-लिखकर बड़े अधिकारी बनें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त करें। उनके अनुसार शिक्षा ही वह साधन है जिससे समानता, अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मसम्मान की भावना को बढ़ावा मिलता है।
दर्शन सिंह कांगड़ा ने कहा कि आज के दौर में सामाजिक उत्थान और राजनीतिक जागरूकता के लिए शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वंचित वर्गों के लिए चलाई जा रही शिक्षा संबंधी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि समाज का हर वर्ग मुख्यधारा से जुड़ सके।
उन्होंने बताया कि भारतीय अंबेडकर मिशन, बाबा साहेब के शिक्षा संबंधी मिशन को आगे बढ़ाते हुए पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर मिशन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।




