
रिपोर्टर हरमेंद्र कुमार
हरिद्वार। उत्तराखंड में जारी भारी बारिश का कहर अब हरिद्वार जिले के रोशनाबाद गांव पर टूट पड़ा है। हालात इतने भयावह हैं कि पूरा गांव बाकी इलाकों से कट चुका है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जगह-जगह सड़कें धंस गई हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ग्रामीण अब अपने ही गांव में कैद होकर रह गए हैं।
गांव में बढ़ा खतरा, घर गिरने की कगार पर
गांव की जमीन धंसने से कई मकान झुक गए हैं और कभी भी ढह सकते हैं। दरारें इतनी चौड़ी हो चुकी हैं कि लोग अपने ही घरों में रहने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही राहत कार्य शुरू नहीं किए गए तो बड़ी जनहानि हो सकती है। महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से दहशत में हैं।
प्रशासन बेखबर, ग्राम प्रधान पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई मदद नहीं पहुंची है। आपात स्थिति के बावजूद न तो राहत सामग्री पहुंचाई गई है और न ही प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कोई ठोस पहल हुई है।

ग्राम प्रधान की भी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के हालात से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद प्रधान ने न तो प्रशासन को सचेत किया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था करवाई।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
गांव में बिजली और पानी की आपूर्ति भी ठप हो चुकी है। बीमार और बुजुर्ग लोग दवा के अभाव में परेशान हैं। हालात यह हैं कि बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और लोग रोजमर्रा का सामान लाने तक में असमर्थ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर स्थिति पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मदद की गुहार
स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। गांव में आपदा प्रबंधन दल भेजकर मकानों को सुरक्षित करवाने और प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास देने की आवश्यकता जताई गई है।






