
हरिद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरिद्वार की अदालत में विचाराधीन एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को बरी करने का आदेश दिया। यह मामला 8 लाख रुपये के कथित चेक बाउंस से जुड़ा था।
मामले में अभियुक्त राव जुनैद की ओर से अधिवक्ता अतुल कुमार शर्मा ने प्रभावी पैरवी की। बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्कों, साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया गया।
अधिवक्ता अतुल कुमार शर्मा की दमदार दलीलों को इस निर्णय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कानूनी जानकारों के अनुसार, यह फैसला एनआई एक्ट के मामलों में साक्ष्य की मजबूती और प्रक्रिया की शुद्धता के महत्व को भी रेखांकित करता है।
इस निर्णय के बाद अधिवक्ता पक्ष ने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में सत्य की विजय हुई है।






