
प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ बाल यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह कार्रवाई पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत की है, जो बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण के लिए बनाया गया है।
अदालत के आदेश के बाद पुलिस को मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने और विस्तृत जांच करने के लिए कहा गया है। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत पुलिस रिपोर्ट और अन्य तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसके बाद अब FIR दर्ज करने का निर्देश जारी किया गया।
यह मामला गंभीर यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा होने के कारण अदालत का फैसला अहम माना जा रहा है। FIR दर्ज होने के साथ ही अब जांच औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।






