
जिला उपभोक्ता आयोग ने एलआईसी को बीमा पॉलिसी की परिपक्वता धनराशि 15 लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, क्षतिपूर्ति,शिकायत खर्च व अधिवक्ता फीस के रूप में 15 हजार रुपये शिकायत कर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
आदर्श कॉलोनी राम नगर रुड़की निवासी डॉ पीएस अग्रवाल ने शाखा प्रबन्धक,भारतीय जीवन बीमा निगम रुड़की के खिलाफ एक शिकायत दायर की थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 26 दिसंबर 2009 में उसने निर्धारित प्रीमियम राशि देकर बीमा कंपनी से 15 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी कराई थी।जिसकी 11 किश्तें देने पर परिपक्वता अवधि दिसंबर 2020 बताई गई थी।परिवक्वता अवधि पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से परिवक्वता लाभ राशि 15 लाख रुपये लेने के लिए संपर्क किया था।जिसपर बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने उसे एक पत्र भेजकर सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद धनराशि देने का आश्वासन दिया था।इसके बाद बीमा कंपनी ने उसे एक पत्र भेजकर परिपक्वता राशि 15 लाख रुपये व सापेक्ष बोनस राशि चार लाख 47 हजार 410 रुपये देने के लिए कागजात मांगे थे। जिससे शिकायतकर्ता को भारी आघात लगा। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया,तो उन्होंने उक्त धनराशि से अधिक राशि देने को तैयार नही है। जिस कारण शिकायतकर्ता को बीमा से परिपक्वता राशि 15 लाख रुपये व उचित बोनस राशि नही मिल पाई। शिकायत पर सुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष कंवर सैन व सदस्यों अंजना चड्ढा तथा विपिन कुमार ने बीमा कंपनी के स्थानीय प्रबन्धक को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी ठहराया है।




