Download Our App

इन्द्रलोक यज्ञ कमेटी द्वारा आज सामुदायिक केंद्र इन्द्रलोक में चौ0 चरणसिंह जी की 35 वी पुण्यतिथि पर यज्ञ किया गया जिसके यज्ञमान चौधरी देवपाल सिंह राठी व अदिया सिंह राठी जी तथा ब्रह्मा आचार्य योगेन्द्र सिंह मेधावी जी रहे।
यज्ञ के बाद सभी ने यज्ञमान को आशीर्वाद दिया।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

इन्द्रलोक यज्ञ कमेटी द्वारा आज सामुदायिक केंद्र इन्द्रलोक में चौ0 चरणसिंह जी की 35 वी पुण्यतिथि पर यज्ञ किया गया जिसके यज्ञमान चौधरी देवपाल सिंह राठी व अदिया सिंह राठी जी तथा ब्रह्मा आचार्य योगेन्द्र सिंह मेधावी जी रहे।
यज्ञ के बाद सभी ने यज्ञमान को आशीर्वाद दिया।

चौ0 चरणसिंह (पूर्व प्रधानमंत्री भारत सरकार) जी को स्मरण करते हुए जाट समाज के संरक्षक व राष्ट्रीय लोकदल उत्तराखण्ड के उपाध्यक्ष ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि चौ0 चरणसिंह जी पूर्णरूप से सनातन परम्पराओं का निर्वहन करते थे वो स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के द्वारा बनाये गए आर्य समाज की वैदिक परम्पराओ का अंतिम सांस तक पालन करते रहे एक बार वह गुजरात दौरे पर थे उनके साथ केशुभाई पटेल जी किसी कार्यक्रम में जा रहे थे तो उन्हें रास्ते मे टनकारा का बोर्ड दिखाई दिया उसे देख चौधरी साहब ने गाड़ी रोकने को कहा और श्री केशुभाई पटेल से पूछा कि कितनी दूर है उन्होंने कहा कि थोड़ी दूर पर है लेकिन कार्यक्रम में लेट हो जायेगे, इस पर चौधरी चरणसिंह जी टनकारा चलने को कहा व केशुभाई पटेल जी को कहा कि कार्यक्रम में थोड़ा विलम्ब हो जाएगा कोई बात नही लेकिन मै उस महापुरुष की जन्मस्थली को अवश्य नमन करूंगा जिसने इस देश का नाम दुनिया मे रोशन किया जिसने सनातन धर्म अर्थात वेदो को सही रूप में लोगो तक पहुचाया उन्होंने देश को आजाद कराने में एक अहम भूमिका निभाई अगर आर्य समाज न होता तो शायद इतनी जल्दी देश आजाद न होता। उन्होंने केशुभाई पटेल को उनकी जन्मस्थली के विकाश के लिए कुछ पैसा भी दिलवाया।
नरेशपाल बालियान यज्ञ कमेटी के सदस्य व जाट समाज के महामंत्री ने कहा कि चौधरी चरणसिंह जी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कभी भी झूठ का साथ नही दिया जब देश के होममिनिस्टर थे तो उन्हें कुछ पुलिस थानों की शिकायत मिली कि आम आदमी को परेशान किया जाता है उनकी रिपोर्ट नही लिखी जाती तो उन्होंने भेष बदलकर थाने पहुचकर अपनी व्यथा सुनाई रिपोर्ट लिखने को कहा तो उन्होंने नही लिखी व पैसे देने की बात की जिस पर चौधरी साहब ने पैसे दे रिपोर्ट लिखने को कहा और उन्होंने रिपोर्ट लिख दी जब उन्हें हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने जेब से मोहर निकाल उस पर लगा दी। पूरा थाना ये देखकर उनसे माफी मांगता रहा लेकिन उन्होंने पूरा थाना सस्पेंड कर दिया ये उनकी निष्पक्षता ही तो थी।
गोष्ठी में श्री कृष्णकुमार पुनिया ने भी सहकारी खेती,चकबन्दी, रजवाहों पर चलने के अधिकार पर प्रकाश डाला।
अनुपम वर्धनं शास्त्री व जसवंत सिंह,चंद्रप्रकाश व आचार्य योगेन्द्र जी ने भी विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चौ0 निरंकार व संचालन जोगेन्द्र पाल आर्य ने किया।
यज्ञ में निम्न लोग सम्मलित रहे श्री निरंजन मलिक, जसवती देवी, देवपाल सिंह राठी,,अदिया सिंह राठी, आचार्य योगेन्द्र मेधावी,नरेन्द्र सिंह तेवतिया, रणवीर सिंह पंवार , अनुपम शास्त्री, कृष्ण कुमार पूनिया, जोबिन्दरपाल आर्य, वेदप्रकाशपाल , योगेन्द्र राणा, नरेशपाल बालियान, मुख्तयार सिंह, रणधीर सिंह, के पी तोमर, महिपाल सिंह, बीरपाल सिंह, निरंकार सिंह राठी, रकम सिंह, सिकन्दर सिंह, प्रह्लाद सिंह,जसवंत सिंह, सोहनवीर सिंह राठी, सुदेश चौधरी, सचिन सिंह राठी, सत्यवीर सिंह मालिक, सुमित्रा मालिक रेणु राजपूत ,जयपाल सिंह मालिक, आयुष , रणजीत राणा, नैपाल सिंह पंवार, देवेन्द्र कुण्डू, जी आदि आदि सम्मलित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात सभी ने चौ0 चरणसिंह जी (पूर्व प्रधानमंत्री भारत सरकार) को अपनी श्रद्धासुमन अर्पित कर पुष्पांजलि अर्पित की।
अन्त में गायत्रीमंत्र का उच्चारण कर शांति पाठ किया।

Leave a Comment