
स्वामी विनोद ने कहा कि पुलिस प्रशासन के नए रूट प्लान से ई-रिक्शा चालकों के सामने दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। चालकों के साथ ही यात्रियों को भी भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अपने गंतव्य तक पहुंचने में यात्रियों को कई रिक्शा में बदलने पड़ रहे हैं। ऐसे में उन्हें अधिक किराया भी देना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि जल्द शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। उनके समक्ष रिक्शा चालकों की समस्याओं को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी चालकों की समस्या से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सीएम धामी निश्चित तौर पर समस्याओं पर कोई ठोस निर्णय लेंगे। पंडित अभिषेक भारद्वाज व संरक्षक नवीन अग्रवाल ने कहा कि किसानों के आंदोलन की तर्ज पर ई-रिक्शा चालकों के लिए आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान राजकुमार, चरण सिंह राठौर, प्रीतम, वीरेंद्र सिंह, गोपाल साहू, वतन झा, गौरव कश्यप, अभिषेक पंडित, कुलदीप चौहान, अजीत, अज्जू राजपूत, विनोद, संजय पाल, अश्वनी कुमार, राशिद, फरमान, लोकेश आदि शामिल रहे।
ये प्लान किया गया था तैयार
शहर में बढ़ती ई-रिक्शा की संख्या से रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुए यातायात पुलिस ने कलर कोड के हिसाब से रूट प्लान तैयार किया था। जिसमें हरा, लाल, नीला, काला, सफेद आदि रंगों का वितरण चालकों को किया गया। संबंधित रूट के बोर्ड लगाए गए। प्लान लागू होने के बाद से निर्धारित रूटों पर ही रिक्शा चलने से सड़कों पर भी कम संख्या अब नजर आ रहे हैं।





